सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक रक्षा समझौता किया। इस समझौते का उद्देश्य सामूहिक प्रतिरोध को मजबूत करना है, ताकि किसी भी संभावित खतरे का सामना किया जा सके। सूत्रों के अनुसार, यह त्रिपक्षीय सहयोग क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देगा। समझौते में सैन्य सहयोग, खुफिया जानकारी साझा करना और संयुक्त सैन्य अभ्यास शामिल हैं। तीनों देशों ने आतंकवाद और क्षेत्रीय अस्थिरता से निपटने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई है। यह समझौता तीनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करेगा। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम मध्य पूर्व और दक्षिण एशिया में भू-राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित कर सकता है।

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