सऊदी अरब और संयुक्त राज्य अमेरिका ने एक महत्वपूर्ण परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत सऊदी अरब को परमाणु रिएक्टर बनाने की अनुमति मिलेगी। विवादित रूप से, इस समझौते में सऊदी अरब को अपने देश में यूरेनियम संवर्धन करने की भी अनुमति मिलने की संभावना है। आलोचकों का मानना है कि यूरेनियम संवर्धन की क्षमता सऊदी अरब को परमाणु हथियार विकसित करने के लिए प्रेरित कर सकती है। यह समझौता क्षेत्र में शक्ति संतुलन को बदल सकता है। अमेरिका ने जोर देकर कहा है कि यह सहयोग केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। हालांकि, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इस समझौते की बारीकी से निगरानी कर रहा है।

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