फ्रांसीसी अस्तित्ववादी दार्शनिक ज्यां पॉल सार्त्र के दर्शन के अनुसार, वास्तविकता से इनकार करना या निष्क्रिय रहना 'बैड फेथ' या आत्म-धोखा है। सार्त्र का मानना है कि जब मनुष्य अपनी स्वतंत्रता और जिम्मेदारी से बचने के लिए बहाने बनाता है, तो वह स्वयं को धोखा देता है। यह आत्म-धोखा एक प्रकार की कायरता है, जिसमें व्यक्ति अपनी पसंदों की जिम्मेदारी लेने से इनकार करता है। सार्त्र के अनुसार, प्रामाणिक जीवन जीने के लिए अपनी स्वतंत्रता को स्वीकार करना और उसके परिणामों के लिए जिम्मेदारी लेना आवश्यक है। वास्तविकता का सामना करने और अपने कार्यों के लिए जवाबदेह होने में ही वास्तविक मुक्ति निहित है। निष्क्रियता या इनकार करना केवल एक अस्थायी पलायन है, जो अंततः और अधिक पीड़ा का कारण बनता है। सार्त्र का दर्शन व्यक्ति को अपने जीवन का निर्माण करने और अपनी पसंदों के माध्यम से अर्थ खोजने के लिए प्रोत्साहित करता है।