सरवाक के गायक-गीतकार फ़िरदौस मेटरंग ने अपना पहला मेलानौ भाषा का गीत ‘लाबीक सुनै न्यावाह’ जारी किया है। यह गीत उनकी कलात्मक यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ‘लाबीक सुनै न्यावाह’ एक भावपूर्ण गाथागीत है जो सरवाक की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समर्पित है। फ़िरदौस मेटरंग सरवाक की मेलानौ समुदाय से हैं और अपने संगीत के माध्यम से अपनी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह गीत स्थानीय भाषा और परंपराओं के प्रति उनके सम्मान को दर्शाता है। इस गाने के रिलीज़ होने से सरवाक की संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद है। फ़िरदौस का उद्देश्य अपनी कला के माध्यम से सरवाक की पहचान को मजबूत करना है।