पूर्व सीनेट अध्यक्ष बुकोला सारकी ने नाइजीरियाई लोकतंत्र में राष्ट्रीय सभा की भूमिका का पुरजोर बचाव किया है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की आधारशिला बताया है। सारकी का तर्क है कि देश को 12 जून, 1993 की त्रासदी को दोहराने से रोकने के लिए विधायिका को मजबूत और सुरक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने आगाह किया है कि लोकतंत्र से भटकने का खतरा अभी भी बना हुआ है। सारकी ने विधायिका की स्वतंत्रता और स्वायत्तता पर जोर दिया। उनका मानना है कि एक मजबूत विधायिका ही सत्ता के दुरुपयोग को रोक सकती है और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा कर सकती है। उन्होंने देश के भविष्य के लिए विधायिका के महत्व को रेखांकित किया।