हाल ही में, माटेओ साल्विनी ने बैंकों पर कर लगाने का प्रस्ताव रखा है, जिसका उद्देश्य संसाधनों को जुटाना है। यह विचार नया नहीं है, लेकिन अक्सर संकट के समय में सरकारों द्वारा उपयोग किया जाता है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना ​​है कि इस तरह के कर वित्तीय संस्थानों के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं। बैंकों पर अतिरिक्त कर लगाने से उनकी लाभप्रदता कम हो सकती है और ऋण देने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इससे अर्थव्यवस्था में नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, जिससे विकास धीमा हो सकता है और संभावित रूप से वित्तीय अस्थिरता आ सकती है। इस प्रस्ताव पर इटली में बहस छिड़ गई है, कई लोग इसके संभावित परिणामों पर सवाल उठा रहे हैं।