आयरिश लेखिका सैली रूनी ने पुष्टि की है कि उनके प्रकाशक अब इंग्लैंड में उनकी कृतियों, जिसमें ‘नॉर्मल पीपल’ भी शामिल है, को किताबों की दुकानों में नहीं भेजेंगे। यह कदम रूनी के फ़िलिस्तीन के समर्थन के बाद उठाया गया है। इस फैसले से साहित्यिक हलकों में बहस छिड़ गई है। कई लोगों ने रूनी के समर्थन की सराहना की है, जबकि अन्य ने इस कदम की आलोचना की है। प्रकाशक ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, फ़िलिस्तीन को लेकर बढ़ते विवाद के चलते यह निर्णय लिया गया है। यह घटना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कला में राजनीतिक सक्रियता के मुद्दों को उजागर करती है। यह देखना बाकी है कि इस फैसले का रूनी के लेखन और इंग्लैंड में उनकी लोकप्रियता पर क्या प्रभाव पड़ेगा।