1656 में बोस्टन में ऐन हिबिन्स को चुड़ैल होने के आरोप में फांसी दी गई थी, जो सेलम विच ट्रायल्स से पहले की घटना है। यह मामला बाद में नेथनेल हॉथोर्न के प्रसिद्ध उपन्यास 'द स्कारलेट लेटर' में भी दर्शाया गया। हिबिन्स पर आरोप लगाया गया था कि उसने बढ़ई के अत्यधिक शुल्क लेने की शिकायत की थी, जिसके बाद उसे इस झूठे आरोप में फंसाया गया। यह घटना उस समय की धार्मिक कट्टरता और अन्याय को उजागर करती है। हिबिन्स की फांसी, अमेरिकी इतिहास में शुरुआती उत्पीड़न और गलत आरोपों का एक दुखद उदाहरण है। यह मामला आज भी न्याय और मानवीय अधिकारों के महत्व की याद दिलाता है। इस घटना ने साहित्य और इतिहास दोनों पर गहरा प्रभाव डाला है।