नेपाल में दुःखद घटनाक्रम के बाद, सद्गुरु ने एक सभा को संबोधित करते हुए हिमालय क्षेत्र को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से बचाने के लिए एकजुट होने का आग्रह किया। उन्होंने नेपाल, भारत, चीन, पाकिस्तान और भूटान जैसे हिमालयी देशों से मिलकर काम करने की अपील की। सद्गुरु ने कहा कि ये देश भौगोलिक रूप से जुड़े हुए हैं और उनकी नियति एक साथ जुड़ी हुई है। उन्होंने इस क्षेत्र की पारिस्थितिकीय नाजुकता पर जोर दिया और सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। यह आह्वान, ईशा फाउंडेशन के रद्द हुए कार्यक्रम के स्थान पर आयोजित सभा में किया गया। सद्गुरु का मानना है कि सामूहिक प्रयासों से ही हिमालय को सुरक्षित रखा जा सकता है और भविष्य की पीढ़ियों के लिए इसे बचाया जा सकता है।