एक विश्लेषक ने चेतावनी दी है कि सबा बीएन चीफ कुरूप को हटाने की मांग उल्टा पड़ सकती है। इस मांग से यह धारणा मजबूत होती है कि उम्नो, बीएन पर नियंत्रण चाहता है और सबा-आधारित घटकों के साथ शक्ति साझा करने में अनिच्छुक है। स्याहरुद्दीन आवांग अहमद का कहना है कि यह कदम सबा में राजनीतिक अस्थिरता पैदा कर सकता है। यह उम्नो के भीतर शक्ति के लिए चल रहे संघर्ष का भी संकेत देता है। कुरूप को हटाने की मांग, बीएन घटकों के बीच अविश्वास को और बढ़ा सकती है। यह सबा की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है, जिसका असर आगामी चुनावों पर भी पड़ सकता है। विश्लेषक का मानना है कि उम्नो को इस मामले में सावधानी से आगे बढ़ना चाहिए।