पोलैंड के अनुसार, रूस यूक्रेन युद्ध पर प्रति घंटा लगभग 2.5 अरब रूबल खर्च कर रहा है। इस भारी खर्च के बावजूद, रूस के लिए डोनबास क्षेत्र पर पूरी तरह से कब्ज़ा करना मुश्किल हो रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यह राशि युद्ध के प्रयासों को बनाए रखने के लिए अपर्याप्त है। डोनबास में सैन्य सफलता हासिल करने के लिए रूस को और अधिक संसाधनों का निवेश करना होगा। यूक्रेन का कड़ा प्रतिरोध और पश्चिमी देशों से मिलने वाली सहायता रूस के लिए चुनौती बन गई है। यह वित्तीय बोझ रूसी अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है, जिससे भविष्य में आर्थिक कठिनाइयाँ आने की आशंका है। इस संघर्ष के बढ़ने से क्षेत्रीय अस्थिरता और बढ़ सकती है।