रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध का असर अब रूस की अपनी कंपनियों पर पड़ने लगा है। युद्ध को जारी रखने के लिए रिकॉर्ड घाटा होने से मॉस्को का बजट भी प्रभावित हो रहा है। रूसी कंपनियों पर वित्तीय बोझ बढ़ रहा है, जिसके परिणामस्वरूप दिवालियेपन की संख्या 17 वर्षों में उच्चतम स्तर पर पहुँचने की आशंका है। छोटे व्यवसायों से लेकर मॉस्को के बजट तक, हर जगह आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। यह स्थिति रूस की अर्थव्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती बन गई है। युद्ध के कारण होने वाले खर्चों को पूरा करने के लिए सरकार को लगातार वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इस संकट का सीधा असर रूसी कंपनियों की वित्तीय स्थिरता पर पड़ रहा है।