रूस ने शीत युद्ध के दौरान जमा किए गए अपने टैंकों का लगभग 72 प्रतिशत भंडार इस्तेमाल कर लिया है। वर्तमान में, रूस के पास केवल 851 टैंक बचे हैं जिनका उपयोग भंडार को फिर से भरने के लिए किया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संख्या रूस की सैन्य क्षमताओं पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है। यह कमी यूक्रेन में चल रहे संघर्ष के कारण हुई है, जहाँ रूस ने भारी मात्रा में सैन्य उपकरणों का इस्तेमाल किया है। टैंकों की कमी से रूस की युद्ध लड़ने की क्षमता प्रभावित हो सकती है और उसे भविष्य में नए उपकरणों का उत्पादन करने या अन्य स्रोतों से प्राप्त करने की आवश्यकता होगी। यह स्थिति रूस के लिए एक रणनीतिक चुनौती पैदा करती है। इस भंडार में भारी गिरावट से रूस की सैन्य तैयारी और दीर्घकालिक रक्षा रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं।