एक विश्लेषण से पता चला है कि रूस की नई मध्यम दूरी की मिसाइल ‘ओरेश्निक’ सोवियत तकनीक पर आधारित है। यह मिसाइल पुराने घटकों का उपयोग करके बनाई गई प्रतीत होती है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पहले ही इस मिसाइल को लेकर अपनी बयानबाजी में बदलाव कर दिया है। यह बदलाव मिसाइल की तकनीकी विशेषताओं और क्षमताओं से जुड़ा हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मिसाइल रूस की सैन्य क्षमताओं को प्रदर्शित करने का एक प्रयास है, लेकिन यह पूरी तरह से नई तकनीक नहीं है। इस मिसाइल के विकास से अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि यह नए हथियारों की दौड़ को बढ़ावा दे सकती है। इस विश्लेषण से रूस की सैन्य रणनीति और हथियारों के विकास की दिशा पर प्रकाश पड़ता है।