इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर (ISW) का कहना है कि रूस द्वारा नाटो सीमा पर बनाए जा रहे नए सैन्य ठिकाने निकट भविष्य में नाटो पर हमले की तैयारी नहीं हैं। ये ठिकाने यूक्रेन युद्ध के बाद अपनी सैन्य शक्ति प्रदर्शित करने और भविष्य की रणनीति के लिए बनाए जा रहे हैं। ISW के अनुसार, रूस वर्तमान में नाटो के साथ सीधे संघर्ष करने की स्थिति में नहीं है। इन ठिकानों का मुख्य उद्देश्य रूस की सैन्य उपस्थिति को मजबूत करना और संभावित खतरों के लिए तैयारी करना है। विशेषज्ञ मानते हैं कि रूस यूक्रेन में चल रहे युद्ध पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और नाटो के साथ टकराव से बचना चाहता है। यह कदम रूस की दीर्घकालिक सैन्य योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य को प्रभावित करना है। फिलहाल, नाटो पर तत्काल हमले की कोई योजना नहीं है।