रूस में वोल्गोग्राद स्थित एक शिविर में 900 से अधिक यूक्रेनी बच्चों को सैन्य प्रशिक्षण दिया गया है। यह जानकारी 'येलो रिबन' नामक प्रतिरोध आंदोलन ने दी है। यह शिविर पहले ही ब्रिटेन द्वारा 2024 में प्रतिबंधों के दायरे में लाया जा चुका है। रिपोर्टों के अनुसार, इन बच्चों को रूसी सेना द्वारा भर्ती किए जाने की आशंका है। यूक्रेन और पश्चिमी देश रूस पर जबरन यूक्रेनी नागरिकों, विशेषकर बच्चों को स्थानांतरित करने और उनका सैन्यीकरण करने का आरोप लगाते रहे हैं। रूस इन आरोपों का खंडन करता है, लेकिन स्वतंत्र स्रोतों से इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है और मानवाधिकार संगठनों ने इसकी निंदा की है। यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन माना जा रहा है।