अमेरिकी विश्लेषकों के अनुसार, रूस के पास अब केवल एक ‘ओरेश्निक’ हाइपरसोनिक मिसाइल शेष है। इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर (ISW) ने यह जानकारी यूक्रेनी विश्लेषणात्मक समूह डलास एनालिटिक्स के डेटा के आधार पर दी है। डलास एनालिटिक्स के अनुसार, रूस ने पहले इस हथियार को डेनिप्रो नदी पर तैनात किया था, जिसके बाद चार और ‘ओरेश्निक’ मिसाइलों का निर्माण किया गया। इनमें से तीन मिसाइलों का उपयोग पहले ही किया जा चुका है। यह जानकारी रूस की हाइपरसोनिक हथियार क्षमताओं में कमी दर्शाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यूक्रेन में युद्ध के मैदान पर रूस की रणनीति को प्रभावित कर सकता है। इस मिसाइल का सीमित भंडार रूस के सैन्य विकल्पों को संकुचित कर सकता है।
