रूस ने अत्याधुनिक ड्रोन बेड़ा बनाया है, जो जैमिंग के प्रतिरोधी है। इस ड्रोन क्षमता के निर्माण में चीन से प्राप्त फाइबर ऑप्टिक्स और मेश मॉडम का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। विशेष रूप से, ये मेश मॉडम खुले बाजार में आसानी से उपलब्ध हैं, जो चीन की आपूर्ति श्रृंखला पर निर्भरता दर्शाते हैं। हालांकि रूस ने ड्रोन तकनीक में महत्वपूर्ण प्रगति की है, चीनी मॉडम की उपलब्धता इस प्रणाली की एक संभावित कमजोरी है। यदि चीनी आपूर्ति श्रृंखला बाधित होती है, तो रूस के ड्रोन बेड़े की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। यह स्थिति रूस के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि वे अपनी सैन्य तकनीक में विदेशी निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहे हैं। इस मामले से रूस और चीन के बीच सैन्य-तकनीकी संबंधों की जटिलता भी सामने आती है।