स्वीडिश विशेषज्ञ गुद्रुन परसन का कहना है कि यूक्रेन में रूसी सेना को लगातार झटकों के बावजूद, पुतिन के लक्ष्य और रणनीति में कोई बदलाव नहीं आया है। उनका मानना है कि भविष्य के इतिहासकार इस दौर को "स walkersों के युग" के रूप में वर्णित कर सकते हैं। हालांकि, यूरोप की एकजुटता को एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। परसन के अनुसार, सफलता के लिए, रूस के बारे में पुरानी गलतफहमियों को दूर करना आवश्यक है। वह अपनी नई पुस्तक "रूसी सैन्य विचार" के माध्यम से इस विषय पर प्रकाश डालती हैं। उनका विश्लेषण दर्शाता है कि पुतिन की रणनीति गहरी और जटिल है और बाहरी झटकों से आसानी से प्रभावित नहीं होती है। यह लेख, एक "समर वॉइस" श्रृंखला का हिस्सा है, जिसमें विभिन्न विशेषज्ञ अपने विचारों को साझा कर रहे हैं।

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