रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान, रूस ने यूक्रेनी संस्कृति को नष्ट करने की एक क्रूर कार्रवाई में लाखों यूक्रेनी पुस्तकें जलाई हैं। कीव के पास एक गोदाम पर हालिया हमले में अकेले 60,000 से अधिक पुस्तकें नष्ट हो गईं। प्रकाशकों का कहना है कि यह नुकसान बहुत अधिक है और इसे सहन करना मुश्किल हो रहा है। यह हमला यूक्रेनी संस्कृति के बुनियादी ढांचे पर एक सीधा हमला है, जिसका उद्देश्य यूक्रेनी पहचान को मिटाना है। इस कार्रवाई की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी निंदा हो रही है। यह सांस्कृतिक नरसंहार का एक प्रयास माना जा रहा है, जो यूक्रेन के इतिहास और विरासत को मिटाने की कोशिश कर रहा है। इस हमले से यूक्रेन की बौद्धिक और सांस्कृतिक स्वतंत्रता खतरे में पड़ गई है।