क्रीमिया क्षेत्र में रूसी वायु रक्षा प्रणालियों की प्रभावशीलता में गिरावट के मुख्य कारण के रूप में एक यूक्रेनी सैन्य कमांडर ने आधुनिक चिप्स की कमी को इंगित किया है। उनका कहना है कि रूस अब आवश्यक माइक्रोचिप्स खरीदने में असमर्थ है, जो इन प्रणालियों के संचालन के लिए महत्वपूर्ण हैं। कमांडर के अनुसार, यह समस्या धन की कमी नहीं, बल्कि इन विशिष्ट घटकों की अनुपलब्धता के कारण है। इस कमी से रूसी वायु रक्षा प्रणालियों की ड्रोन हमलों का मुकाबला करने की क्षमता प्रभावित हो रही है। विशेषज्ञ इस बात पर सहमत हैं कि पश्चिमी प्रतिबंधों ने रूस की उन्नत तकनीक प्राप्त करने की क्षमता को सीमित कर दिया है। क्रीमिया में स्थिति यूक्रेन के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह क्षेत्र रूस द्वारा 2014 में अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया था। इस चिप संकट के कारण रूसी सेना की युद्ध क्षमता पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।