काले सागर में एक रूसी फ्रिगेट, 'एडमिरल ग्रिगोरोविच' ने एक ब्रिटिश याट पर चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाईं। ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने रूसी पोत के इस व्यवहार को "लापरवाह" बताया है, लेकिन साथ ही यह भी कहा है कि याट "बेकाबू" हो गया था। प्रधानमंत्री ने इस घटना को कम करके आंका है। रूसी पक्ष ने दावा किया है कि याट ने रूसी जलक्षेत्र में प्रवेश किया था, जिसके कारण यह कार्रवाई की गई। हालांकि, ब्रिटिश सरकार का कहना है कि याट एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में था। इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। फिलहाल, स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और आगे की जांच जारी है।