जुलाई में रूसी कच्चे तेल का प्रसंस्करण 20 वर्षों में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। ब्लूमबर्ग एजेंसी के अनुसार, यह यूक्रेनी ड्रोन द्वारा रिफाइनरियों, टैंकरों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर बढ़ते हमलों का परिणाम है। युद्ध के पांचवें वर्ष में, रूसी उद्योग महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना कर रहा है। इन हमलों से रूस की तेल प्रसंस्करण क्षमता में भारी कमी आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति रूसी अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। यूक्रेन का उद्देश्य रूस की ऊर्जा आपूर्ति को बाधित करके युद्ध के लिए वित्तपोषण को कम करना है। इसके परिणामस्वरूप वैश्विक तेल बाजार में भी अस्थिरता आ सकती है।