यूक्रेन में हो रहे हमलों के बाद रूस की सबसे बड़ी तेल कंपनी, रोसनेफ्ट ने पूरे देश में कैनिस्टर में पेट्रोल की बिक्री बंद कर दी है। कंपनी ने इसकी वजह ‘मौसमी मांग’ बताई है, हालांकि यह कदम यूक्रेन द्वारा तेल प्रतिष्ठानों पर किए गए हमलों के बीच आया है। रोसनेफ्ट ने व्यक्तिगत ग्राहकों के लिए एक बार में अधिकतम 90 लीटर पेट्रोल खरीदने की सीमा भी निर्धारित कर दी है। माना जा रहा है कि यह कदम पेट्रोल की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए उठाया गया है। विश्लेषकों का कहना है कि यूक्रेन के हमलों ने रूस के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को लक्षित किया है, जिससे आपूर्ति में व्यवधान की आशंका बढ़ गई है। इस प्रतिबंध से आम नागरिकों को परेशानी हो सकती है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां पेट्रोल पंपों की संख्या कम है। फिलहाल, कंपनी ने इस प्रतिबंध की अवधि के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है।
