एक रूसी सैन्य इकाई ने अपनी एक सार्वजनिक टेलीग्राम चैट के माध्यम से संवेदनशील परिचालन जानकारी साझा की है। एस्ट्रा की रिपोर्ट के अनुसार, इस लीक में ड्रोन फीड तक पहुंच और कमांड मीटिंग के लिंक जैसे गोपनीय विवरण शामिल थे। इसके अलावा, चैट में ऐसे दस्तावेज भी पाए गए जिनमें सैनिकों के नुकसान और फ्रंटलाइन इकाइयों पर बढ़ते दबाव का उल्लेख था। यह घटना रूसी सेना के भीतर सूचना सुरक्षा की गंभीर कमी को दर्शाती है। सार्वजनिक मंचों पर इस तरह की खुफिया जानकारी साझा करना सैन्य रणनीति के लिए जोखिम भरा हो सकता है। वर्तमान में इस डेटा लीक के संभावित परिणामों का विश्लेषण किया जा रहा है। यह मामला युद्ध के दौरान डिजिटल सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करता है।