रूसी अकादमी ऑफ साइंसेज के मनोविज्ञान संस्थान के एक निगरानी अध्ययन से पता चला है कि रूसियों की मानसिक स्थिति चिंताजनक है। हर दूसरे व्यक्ति में अवसाद के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, जबकि हर तीसरे उत्तरदाता ने चिंता व्यक्त की है। इस निराशावादी दृष्टिकोण के पीछे स्थानीय अर्थव्यवस्था की स्थिति एक प्रमुख कारण हो सकती है। यूक्रेन के खिलाफ जारी युद्ध के जल्द खत्म होने की उम्मीदें कम होने का भी इस पर असर पड़ रहा है। सर्वेक्षण के नतीजे रूसियों के बीच बढ़ते तनाव और निराशा को दर्शाते हैं। युद्ध का लंबे समय से चल रहा असर नागरिकों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर रूप से पड़ रहा है। यह स्थिति रूस में सामाजिक और व्यक्तिगत स्तर पर चुनौतियों को बढ़ा सकती है।