रूसी दूतावास ने हाल ही में एक विवादास्पद बयान जारी कर नया विवाद खड़ा कर दिया है। दूतावास का दावा है कि यूक्रेनी विद्रोही सेना (UPA) के शिकार वास्तव में औपचारिक रूप से सोवियत संघ के नागरिक थे। यह बयान पोलैंड के राष्ट्रपति द्वारा यूक्रेन के राष्ट्रपति को दिए गए 'ऑर्डर ऑफ द व्हाइट ईगल' सम्मान के संदर्भ में आया है। रूसी अधिकारियों ने इस ऐतिहासिक तथ्य को संशोधित करने का प्रयास किया है, जिसे कई लोग हास्यास्पद और भ्रामक मान रहे हैं। इस कदम को पोलिश और यूक्रेनी संबंधों के बीच हस्तक्षेप के रूप में देखा जा रहा है। यह विवाद मुख्य रूप से ऐतिहासिक पहचान और नागरिकता के दावों पर केंद्रित है। वर्तमान राजनीतिक माहौल में इस तरह के बयानों से तनाव और बढ़ने की संभावना है।