शोधकर्ताओं ने रूसी दुष्प्रचार और गलत सूचना फैलाने से जुड़े लगभग 10,000 सोशल मीडिया खातों की गतिविधि की जांच की। उन्होंने यांडेक्स डेटा केंद्रों को हटाने के संबंध में उनकी गतिविधि में किसी भी महत्वपूर्ण कमी का विश्लेषण करने पर ध्यान केंद्रित किया। निष्कर्ष स्पष्ट है: यांडेक्स डेटा केंद्रों को हटाने के बाद उनकी गतिविधि में कोई सांख्यिकीय रूप से महत्वपूर्ण कमी नहीं आई है। यह दर्शाता है कि दुष्प्रचार अभियान जारी हैं और वे अन्य माध्यमों से संचालित हो रहे हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि रूसी दुष्प्रचार अभियान कमजोर नहीं हुए हैं, बल्कि उन्होंने केवल अपनी रणनीति बदल ली है। सोशल मीडिया पर गलत सूचना फैलाने के लिए नए तरीके खोजे जा रहे हैं। इस अध्ययन से पता चलता है कि ऑनलाइन दुष्प्रचार से निपटने के लिए निरंतर निगरानी और विश्लेषण आवश्यक है।