रूस ने मारियुपोल की रक्षा करते हुए पकड़े गए दो यूक्रेनी युद्धबंदियों को क्रमशः 17 और 20 साल की जेल की सजा सुनाई है। इन सैनिकों पर ‘अज़ोव’ नामक सैन्य इकाई में सेवा करने का आरोप है, जिसे रूस की सर्वोच्च न्यायालय ने अगस्त 2022 में आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया था। यह मामला रूस द्वारा अज़ोव के सदस्यों को दोषी ठहराने की एक श्रृंखला का हिस्सा है। सजा की घोषणा ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच तनाव जारी है। यूक्रेन ने इन सजाओं को अवैध और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। रूस ने अभी तक इस मामले पर कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की है। यह घटनाक्रम दोनों देशों के बीच कैदियों के आदान-प्रदान की संभावनाओं को भी प्रभावित कर सकता है।