रूसी सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में, एकमात्र शांतिवादी विपक्षी दल ‘याब्लोको’ को आगामी संसदीय चुनावों में भाग लेने से रोक दिया है। अदालत ने दल पर चुनाव प्रचार के दौरान कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया है। इस फैसले से रूस में विपक्षी राजनीति और भी सीमित हो जाएगी। ‘याब्लोको’ दल लगातार सरकार की नीतियों की आलोचना करता रहा है, खासकर यूक्रेन युद्ध के खिलाफ़ उसकी मुखर आवाज के लिए जाना जाता है। इस प्रतिबंध को विपक्षी दलों और अंतर्राष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने लोकतंत्र के लिए एक और झटका बताया है। आलोचकों का कहना है कि यह कदम आगामी चुनावों को निष्पक्ष और प्रतिस्पर्धी बनाने के प्रयासों को कमजोर करेगा। इस निर्णय से रूस में राजनीतिक विरोध का दमन और बढ़ने की आशंका है।