रूस की कम्युनिस्ट पार्टी के नेता गेन्नाडी ज़ियुगानोव ने यूक्रेन युद्ध में ‘जीत’ खरीदने के लिए नागरिकों और व्यवसायों की बैंक जमा राशि जब्त करने का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने पार्टी के चुनावी सम्मेलन में यह सुझाव दिया कि इस धन का उपयोग देश की आर्थिक और बजट संबंधी समस्याओं को हल करने के लिए किया जाएगा। ज़ियुगानोव के अनुसार, यह कदम लगभग 30 खरब रूबल जुटा सकता है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य युद्ध प्रयासों के लिए धन जुटाना है, लेकिन यह नागरिकों की संपत्ति के अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विपक्षी दलों और कानूनी विशेषज्ञों ने इस प्रस्ताव की आलोचना करते हुए इसे असंवैधानिक बताया है। यह प्रस्ताव रूस की आर्थिक चुनौतियों और यूक्रेन में जारी संघर्ष के बीच आया है। इस कदम से रूस की अर्थव्यवस्था और सामाजिक स्थिरता पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।