पोलैंड ने रूसी राजदूत, गियोर्गी मिच्नो को विदेश मंत्रालय में तलब किया और उन्हें रूस के राज्य प्रायोजित आतंकवाद और हाइब्रिड ऑपरेशनों में वृद्धि के संबंध में कड़ा विरोध पत्र सौंपा। यह कार्रवाई जर्मनी और पोलैंड में हाल की घटनाओं के जवाब में की गई है, जिनके लिए पोलैंड क्रेमलिन को ज़िम्मेदार ठहराता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मार्किन वेवियोर ने बताया कि राजदूत को स्पष्ट रूप से बताया गया कि पोलैंड इस तरह के कार्यों को बर्दाश्त नहीं करेगा। पोलैंड ने रूस से इन गतिविधियों को रोकने और अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने की मांग की है। इस कदम से दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका है। पोलैंड सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और भविष्य में और कड़े कदम उठाने की चेतावनी दी है। यह घटना अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ है।