यूक्रेन युद्ध के पाँचवें वर्ष में, रूसी वायुसेना की संख्यात्मक श्रेष्ठता अब निर्णायक लाभ नहीं रही है। यूक्रेनी वायु रक्षा प्रणालियों और लंबी दूरी की मारक क्षमता वाले हथियारों के कारण रूसी विमानों का यूक्रेन में संचालन काफी कम हो गया है। रूस को विमानों के नुकसान, तकनीकी खराबी और नए विमानों के उत्पादन में कमी का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञ बताते हैं कि ये कारक रूसी सैन्य अभियानों की स्वतंत्रता को सीमित कर रहे हैं। पहले जहां रूसी वायुसेना का दबदबा था, अब वह अधिक सतर्कता से काम कर रही है। स्थिति दर्शाती है कि रूस की वायु शक्ति केवल कागज़ पर ही मजबूत दिखती है, वास्तविक प्रभावशीलता में गिरावट आई है। यह यूक्रेन के युद्ध में एक महत्वपूर्ण बदलाव है।