रूस ने यूक्रेन को समर्थन देने वाले पश्चिमी देशों के समूह ‘इच्छा की गठबंधन’ द्वारा यूक्रेन में सैनिकों की तैनाती को अस्वीकार्य बताया है। रूस ने चेतावनी दी है कि यदि गठबंधन यूक्रेन में सैनिकों को भेजता है, तो उन्हें सैन्य लक्ष्य माना जाएगा। यह बयान इस्तांबुल में जारी किया गया और यह यूक्रेन में चल रहे संघर्ष के बीच आया है। रूस का कहना है कि इस तरह की तैनाती से स्थिति और भी गंभीर हो जाएगी और यह क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ाएगी। मास्को ने पहले भी पश्चिमी देशों की सैन्य सहायता को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है, लेकिन यह चेतावनी विशेष रूप से कठोर है। इस कदम से यूक्रेन में संघर्ष के बढ़ने की आशंका बढ़ गई है। रूस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह यूक्रेन में विदेशी सैनिकों की उपस्थिति बर्दाश्त नहीं करेगा।