इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर (ISW) के अनुसार, रूस द्वारा यूक्रेन पर किए जा रहे बड़े पैमाने पर ड्रोन हमलों का लक्ष्य संभवतः यूक्रेन को वसंत 2027 तक आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर करना है। ISW का कहना है कि जब तक पुतिन की नई जीत की रणनीति सामने नहीं आ जाती, तब तक वे अपनी मांगों को नरम करने या गंभीर संघर्ष विराम वार्ता में प्रवेश करने की संभावना नहीं रखते हैं। ये हमले यूक्रेन की ऊर्जा अवसंरचना और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को लक्षित कर रहे हैं, जिससे व्यापक विनाश और व्यवधान हो रहा है। ISW का विश्लेषण बताता है कि रूस यूक्रेन पर सैन्य और आर्थिक दबाव बनाए रखने के लिए इस रणनीति का उपयोग कर रहा है। पुतिन का उद्देश्य यूक्रेन को समझौते के लिए मजबूर करना है जो रूस के हितों के अनुरूप हो। इस रणनीति से यूक्रेन में और अधिक मानवीय संकट गहराने की आशंका है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए, निकट भविष्य में संघर्ष विराम वार्ता की संभावना कम है।