रूसी सेना यूक्रेन के सैन्य औद्योगिक संकुल को निशाना बना रही है, जिससे देश की युद्ध लड़ने की क्षमता कमजोर हो रही है। सेवानिवृत्त रूसी सेना के कर्नल विक्टर लिटोवकिन के अनुसार, रूस यूक्रेन के हथियारों को नष्ट कर रहा है ताकि वे रूसी सैनिकों के खिलाफ इस्तेमाल न किए जा सकें। इन हमलों का उद्देश्य यूक्रेनी सेना को कमजोर करना और युद्ध के मैदान पर रूस की स्थिति को मजबूत करना है। लिटोवकिन का कहना है कि यह रणनीति प्रभावी साबित हो रही है, क्योंकि यूक्रेन के हथियार भंडार लगातार कम हो रहे हैं। यूक्रेन की सैन्य उत्पादन क्षमता गंभीर रूप से प्रभावित हुई है, जिससे देश को पश्चिमी सहयोगियों पर अधिक निर्भर रहना पड़ रहा है। विशेषज्ञ का मानना है कि यदि यह क्रम जारी रहा तो यूक्रेन के लिए युद्ध जारी रखना कठिन हो जाएगा। यह स्थिति रूस को अपने रणनीतिक लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद कर सकती है।