जर्मनी के अभियोजन कार्यालय द्वारा जांच में पता चला है कि रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण शुरू करने के तुरंत बाद, फरवरी 2022 में जर्मनी की ऊर्जा आपूर्ति को कमजोर करने की गुप्त योजना बनाई थी। जांच के अनुसार, रूस ने 'गैज़प्रोम जर्मनी' को खत्म करने की साजिश रची, जिसका उद्देश्य जर्मनी के ऊर्जा भंडार पर हमला करना था। 'स्पiegel' की रिपोर्ट के अनुसार, संघीय अभियोजन कार्यालय ने इस मामले में बर्लिन में कई घरों और एक कंपनी के मुख्यालय पर तलाशी ली है। यह कार्रवाई जर्मनी की ऊर्जा सुरक्षा को खतरे में डालने के प्रयासों की जांच का हिस्सा है। अभियोजन कार्यालय ने इस मामले में संदिग्धों की पहचान उजागर नहीं की है, लेकिन जांच जारी है। इस खुलासे से रूस और जर्मनी के बीच ऊर्जा संबंधों में तनाव और बढ़ सकता है। यह घटनाक्रम यूरोप में ऊर्जा सुरक्षा की चिंताओं को भी उजागर करता है।