यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली की बढ़ती क्षमता के कारण रूस अपने ड्रोन हमलों की रणनीति बदल रहा है। अब रूस अपने हमले करने वाले ड्रोन को एस्कॉर्ट (सुरक्षा) के साथ भेज रहा है, ताकि उन्हें यूक्रेन की वायु रक्षा से बचाया जा सके। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि यूक्रेन के इंटरसेप्टर मिसाइलों ने रूसी ड्रोन के भंडार को काफी कम कर दिया है। इसके साथ ही, रूस अब टोही (reconnaissance) कार्यों के लिए सस्ते और कम क्षमता वाले ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है। यूक्रेन की वायु रक्षा की सफलता रूस के ड्रोन अभियानों को महंगा और जोखिम भरा बना रही है। इस बदलाव से पता चलता है कि यूक्रेन का युद्ध रूस के लिए ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में एक चुनौती बन गया है। रूस अब अपनी ड्रोन रणनीति को अनुकूलित करने के लिए मजबूर है।
