रूस ने शीत युद्ध के समय के 5,100 टैंकों को फिर से चालू करने के लिए पहले बेकार माने गए इंजनों को पुनर्जीवित किया है। दो अलग-अलग रूसी संयंत्रों में हुए अनुबंधों के माध्यम से, ऐसे इंजनों को वापस सेवा में लाया गया है जिन्हें पहले मरम्मत के योग्य नहीं माना जाता था। क्रेमलिन ने पहले इन टैंकों को त्याग दिया था, लेकिन अब उन्हें फिर से इस्तेमाल करने योग्य बनाया गया है। इस पहल से रूस की सैन्य क्षमताओं में वृद्धि होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम पुराने सैन्य उपकरणों को बनाए रखने और आधुनिक बनाने पर रूस के बढ़ते जोर को दर्शाता है। यह पुनर्जीवन प्रक्रिया रूस के रक्षा उद्योग की तकनीकी विशेषज्ञता को भी उजागर करती है। इस परियोजना से रूस की युद्ध तैयारियों को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
