सीएनएन के अनुसार, यह मानना कि रूस जल्द ही यूक्रेन के सामने झुक जाएगा, एक गलती होगी। हाल के हफ्तों में पश्चिमी नेताओं को ऐसी उम्मीदें थीं। हालांकि, विश्लेषकों का कहना है कि व्लादिमीर पुतिन की छवि एक अड़ियल तानाशाह के रूप में भंगुर है, लेकिन क्रेमलिन के जल्द ही आत्मसमर्पण करने की संभावना दूर है। यह आकलन पुतिन के अपने मंत्रियों को दिए गए बयानों के बावजूद किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस पर हो रहे हमले अभूतपूर्व हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि क्रेमलिन तुरंत प्रतिक्रिया देगा। पश्चिमी देशों को इस स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए और किसी भी त्वरित बदलाव की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। स्थिति की जटिलता को देखते हुए, पश्चिमी देशों को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता हो सकती है।