रूस, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले भारत में एक बड़े विमान सौदे के साथ अपनी विमानन उपस्थिति को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। इस सौदे में 105 विमान शामिल होने की संभावना है, जो भारत की बढ़ती विमानन मांगों को पूरा करने के उद्देश्य से है। माना जा रहा है कि यह सौदा रूस और भारत के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूत करेगा। यह पहल भारत की घरेलू विमानन उद्योग को बढ़ावा देने के साथ-साथ रूसी विमानन क्षेत्र के लिए नए अवसर खोलेगी। सूत्रों के अनुसार, यह सौदा न केवल वाणिज्यिक विमानों तक सीमित है, बल्कि सैन्य विमानों को भी शामिल कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सौदे से भारत की हवाई कनेक्टिविटी में सुधार होगा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। यह सौदा रूस के लिए भारत में अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कदम है।