पोलैंड के पायर्ज़ीस शहर में स्थित सोवियत सेना को समर्पित स्मारक को ध्वस्त करने पर रूसी दूतावास ने कड़ा विरोध जताया है। दूतावास ने इसे "इतिहास को जानबूझकर विकृत करने का प्रयास" और "अपवित्रा कदम" बताया है। वहीं, पोलैंड के राष्ट्रीय स्मृति संस्थान (IPN) ने कहा है कि यह फैसला जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप था और इसके लिए कानूनी आधार मौजूद है। IPN का कहना है कि यह स्मारक हटाने का निर्णय स्थानीय समुदाय की भावनाओं और मांगों का सम्मान करने के लिए लिया गया था। रूसी पक्ष स्मारक को इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा मानता है, जबकि पोलैंड इसे अपनी संप्रभुता और स्वतंत्रता के प्रतीक के रूप में देखता है। इस घटना से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने की संभावना है। यह फैसला सोवियत संघ के विरासत के प्रति पोलैंड के बदलते रुख को दर्शाता है।