हाल ही में जारी आँकड़ों के अनुसार, रूस ने 2026 की शुरुआत में अपने बजट का 46 प्रतिशत सैन्य क्षेत्र में आवंटित किया है। यह आवंटन, राजस्व में गिरावट के बावजूद किया गया है। विशेषज्ञों का आकलन है कि रूस ने 2026 के लिए युद्ध संबंधी खर्चों में 30 प्रतिशत की वृद्धि की है, जबकि पहले खर्चों में कटौती करने का वादा किया गया था। यह कदम रूस की प्राथमिकताओं को दर्शाता है, जहाँ सैन्य शक्ति को आर्थिक चुनौतियों से ऊपर रखा जा रहा है। इस वृद्धि से देश की अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की संभावना है। विश्लेषकों का मानना है कि यह निर्णय यूक्रेन में जारी संघर्ष को जारी रखने की रूस की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। बजट आवंटन में यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता का विषय बन सकता है।