जर्मनी और स्वीडन ने चेतावनी दी है कि रूस भविष्य में नाटो की सैन्य क्षमता और मजबूती का परीक्षण कर सकता है। जर्मन सेना के प्रमुख ने विशेष रूप से आगाह किया है कि रूसी सेना 2029 तक या उससे पहले नाटो देशों पर हमला कर सकती है। यह चेतावनी यूरोपीय सुरक्षा परिदृश्य में बढ़ते तनाव को दर्शाती है। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि रूस गठबंधन की प्रतिक्रिया क्षमता को परखने की कोशिश करेगा। इस संभावित खतरे को देखते हुए नाटो देशों को अपनी रक्षा तैयारियों को और मजबूत करने की आवश्यकता है। यह स्थिति सदस्य देशों के बीच सामरिक समन्वय को बढ़ाने पर जोर देती है। कुल मिलाकर, यह चेतावनी नाटो के लिए एक गंभीर सुरक्षा चुनौती का संकेत है।"}