रूस ने 2030 तक इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के अपने लक्ष्य को 80% से घटाकर 59% कर दिया है। यह बदलाव रूस के अपने मंत्रालय द्वारा ही प्रस्तावित किया गया है। इस निर्णय का मुख्य कारण कार्यक्रम के लिए आवंटित धन में भारी कमी आना है, जो पाँच गुना घट गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि धन की कमी के कारण यह लक्ष्य प्राप्त करना चुनौतीपूर्ण होगा। इससे रूस की तकनीकी प्रगति और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता पर असर पड़ सकता है। सरकार अब सीमित संसाधनों के साथ प्राथमिकताएं तय करने पर ध्यान केंद्रित करेगी। यह कमी रूस की आर्थिक चुनौतियों और पश्चिमी प्रतिबंधों के प्रभाव को भी दर्शाती है।