यूरोपीय संघ की सदस्य काल्लस ने कहा है कि लाइपजिग हवाई अड्डे पर हुए हमले में राज्य द्वारा प्रायोजित आतंकवाद के लक्षण दिखाई दिए। जर्मन सरकार ने पहले ही निष्कर्ष निकाल लिया है कि पिछले महीने लाइपजिग/हले हवाई अड्डे पर ड्रोन हमले का प्रयास रूस द्वारा किया गया था। यह हमला यूरोपीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है और इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निंदा की जानी चाहिए। काल्लस ने इस घटना की गहन जांच की मांग की है और दोषियों को दंडित करने का आग्रह किया है। उन्होंने यह भी कहा कि यूरोपीय संघ आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में जर्मनी के साथ एकजुट है। इस हमले से जर्मनी और यूरोपीय संघ में सुरक्षा उपायों पर भी सवाल उठ रहे हैं। आगे की जांच से हमले के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।