ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिमी खुफिया एजेंसियों ने संकेत दिया है कि ईरान ने रूस की सहायता से अपनी मिसाइल क्षमताओं को फिर से मजबूत किया है। यह गतिविधि अमेरिका और ईरान के बीच आठ सप्ताह की अनौपचारिक संघर्ष विराम अवधि के दौरान हुई। रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान अब पूर्ण क्षमता के साथ जवाबी कार्रवाई करने में सक्षम है, यदि संघर्ष फिर से शुरू होता है। माना जा रहा है कि रूस ने ईरान को मिसाइलें प्रदान कीं, जिससे ईरान का मिसाइल भंडार महत्वपूर्ण रूप से बढ़ गया। यह कदम क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है। खुफिया सूत्रों का कहना है कि ईरान अब पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली स्थिति में है। इस जानकारी से अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों की रणनीतियों पर असर पड़ सकता है।
