रूस के एक सरकारी टीवी चैनल पर एक विश्लेषक ने देश में 80 वर्षों में सबसे कठिन दौर होने की बात कही है। रूसिया-1 चैनल के ‘60 मिनट’ कार्यक्रम में येवगेनी पोपोव ने ईंधन की कमी, क्रीमिया में स्थिति, युद्ध में रूसी सेना की धीमी प्रगति और यूक्रेन के लंबी दूरी के हमलों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने में अक्षमता का उल्लेख किया। पोपोव के अनुसार, ये सभी कारक रूस के लिए गंभीर चुनौतियां पेश कर रहे हैं। उन्होंने इस स्थिति को रूस के इतिहास में सबसे खराब बताया। यह बयान रूसी मीडिया में एक दुर्लभ स्वीकारोक्ति है, जो आमतौर पर युद्ध के बारे में सकारात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। इस टिप्पणी से रूस के भीतर बढ़ती चिंताओं का संकेत मिलता है। यह बयान यूक्रेन में चल रहे संघर्ष के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।