रूस में ईंधन की कमी एक गंभीर समस्या बन गई है, जो अब किंडरगार्टन जैसे स्थानों तक पहुँच गई है। कई क्षेत्रों के गवर्नरों को ईंधन के लिए आपातकालीन कोटा पर बातचीत करने की आवश्यकता पड़ी है। हैरानी की बात है कि क्षेत्रीय विधान सभाओं ने इस संकट पर चर्चा करने से भी इनकार कर दिया है। समारा, पस्कोव, इरकुत्स्क और सेवastopol जैसे क्षेत्रों में स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है। यह दर्शाता है कि समस्या राष्ट्रीय स्तर पर फैल रही है और स्थानीय स्तर पर इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। इस मुद्दे पर चुप्पी और कार्यवाही की कमी से स्थिति और भी खराब हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संकट आने वाले दिनों में और गहरा हो सकता है।

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