रूस, महंगे मिसाइलों से कम लागत वाले ड्रोन को नष्ट करने के बजाय, अब पुराने विमानों पर सस्ते इंटरसेप्टर ड्रोन तैनात कर रहा है। यूक्रेन ने पहले ही इस तरह की तकनीक का उपयोग करना शुरू कर दिया था, जो कि प्रभावी साबित हुई है। एक महंगा मिसाइल, लगभग 500,000 डॉलर का होता है, जबकि एक हमलावर ड्रोन की कीमत लगभग 50,000 डॉलर होती है। इस लागत अंतर को देखते हुए, रूस ने एक किफायती रक्षा प्रणाली विकसित करने के लिए यूक्रेन की रणनीति की नकल करने का फैसला किया है। यह कदम, ड्रोन युद्ध में एक महत्वपूर्ण बदलाव दिखाता है, जहां कम लागत वाली तकनीक का उपयोग उच्च मूल्य वाले हथियारों का मुकाबला करने के लिए किया जा रहा है। इस रणनीति से रूस को ड्रोन हमलों से बचाव में अधिक दक्षता मिलने की उम्मीद है, साथ ही रक्षा लागत को भी कम करने में मदद मिलेगी। यह दर्शाता है कि भविष्य के युद्धों में ड्रोन की भूमिका और भी महत्वपूर्ण होने वाली है।

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